अयोध्या मामले में कल होगी अंतिम सुनवाई

CJI रंजन गोगोई ने मुस्लिम पक्षकार से पूछा क्या आप हमारे सवालो से संतुष्ट है ?
Published: Tue, 19 Nov 2019 : Reporter by/Photo: Share

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अयोध्या के राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में आज भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।  अयोध्या मामले की सुनवाई के 39वे दिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्पष्ट तौर पर कहा की कल इस मामले की सुनवाई का आखिरी दिन होगा।  

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने  39वां दिन है।  कल 40वां और इस मामले की सुनवाई का आखिरी दिन है।  बता दे की प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही है।  

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मसले की सुनवाई के आखिरी दौर पर इस गंभीर माहौल के बीच मंगलवार को अदालत में ठहाके गूंजे।  वो भी उस वक्त जब चीफ जस्टिस ने मुस्लिम पक्ष के अकील राजीव धवन से सवाल पूछा -CJI ने पूछा था की क्या आप हमारे सवालो से संतुष्ट है ? इसके बाद पुरे कोर्ट रूम में हंसी गूंजने लगी। 

दरअसल इससे पहले अयोध्या मामले की सुनवाई के 38 वें दिन उच्चतम न्यायलय में सोमवार को राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारो ने आरोप लगाया की इस मामले में हिन्दू पक्ष से नहीं बल्कि सिर्फ हमसे ही सवाल किये जा रहे है।  

CJI गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष 38वें दिन की सुनवाई शुरू होने पर मुस्लिम पक्षकारो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह टिप्पणी  की। 

राजीव धवन ने कहा, "माननीय न्यायधीश ने दूसरे पक्ष से सवाल नहीं पूछे।  सरे सवाल सिर्फ हमसे ही किये गए है।  निश्चित ही हम उनका जवाब देंगे।  धवन के इस कथन का राम लाला का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस बैधनाथन ने जोरदार प्रतिवाद किया और कहा, "यह पूरी तरह से अनावश्यक है। "

धवन ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब संविधान पीठ ने कहा की विवादित स्थल पर लोहे की ग्रिल लगाने का मकसद बहरी बरामद से भीतरी बरामदे को अलग करना था।  

न्यायलय ने कहा की लोहे का ग्रिल लगाने का मकसद हिन्दुओ और मुसलमानो को अलग अलग करना था और यह तथ्य सराहनीय है की हिन्दू बहरी बरामदे में पूजा अर्चना करते थे।  जहाँ 'राम चबूतरा, 'सीता रसोई' भंडार गृह थे।'

 

 


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