एनडीआरएफ की टीम का निरीक्षण – गंगा नदी- 80.42 मी.

प्रयागराज : मानसूनी बरसात और हरिद्वार, नरोरा, कानपुर के बैराजों से छोड़े गए पानी के बाद गंगा जी का जल स्तर बढ़ने लग रहा है। साथ ही यमुनाजी के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। यद्यपि दोनों नदियां खतरे के निशान (84.73 मीटर) के बहुत पास आ गयी हैं।

आज का जल स्तर
गंगा नदी-फाफामऊ – 80.42 मी0 (घ0, -12 सेमी0)
छतनाग- 79.49 मी0 (घ0, -12 सेमी0)

नैनी- 80.05 मी0 (घ0, -16 सेमी0)

स्थिति का जायजा लेने के लिए एनडीआरएफ की टीम संगम क्षेत्र में पहुंची और अपनी मोटर बोट के माध्यम से इलाकों का निरीक्षण की। जिसमें त्रिवेणी संगम, रामघाट, दशाश्वमेध घाट और दारागंज के इलाकों का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी प्रयागराज के निर्देशन में एनडीआरफ टीम कमांडर जगदीश राणा, निरीक्षक और उनकी टीम पिछले एक महीने से ज़िले में बाढ़ संबंधी आपदा एवं राहत बचाव कार्य के लिए तैनात हैं। जो ज़िले के सभी तहसीलों में बाढ़ संभावित इलाकों का दौरा कर सुरक्षा के इंतजामों का जायजा ले रही है। सदर तहसील का सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कछारी इलाकों में राजापुर, गंगानगर ,संगम क्षेत्र, नाग वासुकी, दारागंज, बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, सदियाबाद, रसूलाबाद इत्यादि क्षेत्र हैं।