क्या है ?

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार अलग अलग पदों के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करी जाती हैं। परन्तु केंद्र सरकार ने बीते बुधवार सरकारी क्षेत्र की तमाम नौकरियों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी गठित करने का फ़ैसला किया है। इस एजेंसी के तहत एक कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) यानी समान योग्यता परीक्षा आयोजित की जाएगी जो कि रेलवे, बैंकिंग और केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए ली जाने वाली प्राथमिक परीक्षा की जगह लेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके कैबिनेट के इस फ़ैसले की प्रशंसा की है।

CET

क्या है CET ?
नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी अब ऐसी ही तमाम परिक्षाओं के लिए एक कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट का आयोजन करेगी।
इस टेस्ट की मदद से एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस के लिए पहले स्तर पर उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और परीक्षा ली जाएगी.

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक़, कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट एक ऑनलाइन परीक्षा होगी जिसके तहत ग्रेजुएट, 12वीं पास, और दसवीं पास युवा इम्तिहान दे सकेंगे।
ख़ास बात ये है कि ये परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों को अलग अलग परीक्षाओं और उनके अलग-अलग ढंगों के लिए तैयारी नहीं करनी पड़ेगी।

क्योंकि एसएससी, बैंकिंग और रेलवे की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सवालों में एकरूपता नहीं होती है. ऐसे में युवाओं को हर परीक्षा के लिए अलग तैयारी करनी पड़ती है।

कैसे होगी ये परीक्षा?
अभी तक परीक्षाओं को देने के युवाओं को कम उम्र में ही घर से दूर बनाए गए परीक्षा केंद्रों तक बस और रेल यात्रा करके जाना पड़ता था।

सरकार की ओर से ये दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय भर्ती परीक्षा युवाओं की इन मुश्किलों को हल कर देगी क्योंकि इस परीक्षा के लिए हर ज़िले में दो सेंटर बनाए जाएंगे।

इसके अलावा इस परीक्षा में हासिल स्कोर तीन सालों तक वैद्य होगा. और इस परीक्षा में अपर एज लिमिट नहीं होगी।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ये एक ऐसा सुधारवादी कदम है जिसकी काफ़ी समय से प्रतीक्षा की जा रही थी

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ये एक ऐसा सुधारवादी कदम है जिसकी काफ़ी समय से प्रतीक्षा की जा रही थी।