ई-फ़ार्मेसी में रिलायंस का निवेश – बाजार में मचा है हंगामा

चेन्नई : रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अब अपने विस्तार को और वृहद रूप प्रदान करते हुए दवाओं के बाज़ार में अपना कदम रख दिया। उसने चेन्नई को आधार बनाते हुए अपनी e – फार्मेसी के प्रोजेक्ट में 620 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

बाज़ार में अब चर्चा का विषय बन गया है, की इससे इस क्षेत्र में काम करने वालों का रोज़गार छीन जायेगा।
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (एआईओसीडी) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी को पत्र लिखकर उनके नेटमेड्स में निवेश को लेकर आपत्ति जताई है।

इस पत्र में लिखा है, “रिलायंस इंडस्ट्री के स्तर की कंपनी को एक अवैध उद्योग में निवेश करते देखना बेहद दुखद है.” पत्र कहता है कि ई-फ़ार्मेसी उद्योग औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट) के तहत नहीं आता, जो दवाइयों के आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण को विनयमित करता है।

एआईओसीडी ने ऐसा ही एक पत्र अमेज़न को लिखा है। ये पत्र पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य मंत्रालयों को भी भेजा गया है।