योगी का “ऑपरेशन क्लीन” !

सरकार के ऑपरेशन क्लीन अभियान के तहत माफिया अतीक अहमद और उनके साथियों पर पुलिस चुन चुन कर कार्यवाही कर रही है। पहले माफिया अतीक के आई ऐस गैंग से जुड़े दो दर्जन लोगों को पकड़ कर जेल भेजा गया , उसके बाद अतीक और उसके गुर्गो का लाईसेंस रद्द करके सभी असलहो को जमा कराया गया।

क्या है ऑपरेशन क्लीन ?
पुलिस ने अतीक गैंग से जुड़े करीब 20 लोगो की सूचि बना कर डीएम को दी थी डीएम के लाईसेंस रद्द करने के आदेश के बाद अतीक के 20 गुर्गो के असलहे पुलिस ने जमा करा लिए। इसके आलावा पिछले हफ्ते पुलिस ने अतीक के खास शूटर आशिक उर्फ़ मल्ली को भी गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है जिस पर पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड में शामिल होने के आलावा धमकी और हत्या के 20 मुकदमे दर्ज है।

आर्थिक मार
पुलिस ने अतीक का आर्थिक साम्राज्य ढहाने के लिए 16 ऐसी कम्पनियां चिन्तिह की है जिसमे अतीक अहमद का शेयर है । इन कम्पनियों की आर्थिक जांच के लिए पुलिस ने ED को पत्र भेजा है । इन 16 कम्पनी में कई रियल स्टेट कारोबार और शॉपिंग मॉल भी शामिल है

पुलिस ने माफिया अतीक की कमर तोड़ने के लिए उसके आर्थिक सोर्स को भी खंगालना शुरू किया तो पुलिस को करीब 20 ऐसी प्रापर्टी का पता चला जो अतीक ने अपराध करके अर्जित की थी। ये प्रापर्टी शहर के पॉश इलाके में है। पुलिस ने जांच के बाद 20 में 13 प्रापर्टी को कुर्क करने के लिए डीएम को प्रापर्टी की सूचि भेजी है। जिसमे से 13 प्रापर्टी को सीज करने का डीएम ने आदेश कर दिया है और इन प्रापर्टी पर सम्बंधित थाने के इस्पेक्टर को प्रशासक नियुक्त कर दिया है।

13 प्रापर्टी में सिविल लाइन्स के अली टावर ,और सिविल लाइन्स बस स्टैंड के सामने की ज़मीन के आलावा अतीक अहमद का आलीशान कार्यालय भी शामिल है इसके आलावा अतीक के घर के बगल में 2 मकान और शहर के कई इलाको में बने मकानों को सीज करने की कार्यवाहीका आदेश हो चूका है जो 28 अगस्त के अंदर सीज कर दी जाएगी। इन संम्पतियो को सीज करने से माफिया अतीक अहमद को एक बार में 30 करोड़ से ज़्यादा की चोट पहुंचेगी। पुलिस की जांच में ये साबित हो चूका है की इन करोड़ की सम्प्पतियो को अतीक ने अपने राजनितिक संरक्षण में अपराध करके ये सम्पत्तिया बनाई थी।

इसके आलावा आए0 ऐस0 – 227 – गैंग के गुर्गो की संपत्ति का भी पुलिस पता लगा रही है अतीक के गुर्गो की भी अवैध संपत्ति पर जल्द कार्यवाही होगी। अतीक अहमद पर मुकदमो की फेहरिस्त काफी लम्बी है।

1989 के बाद से अतीक के खिलाफ एक के बाद एक हत्या डकैती लूट रंगदारी अपहरण ज़मीन कब्ज़े के कई मामले दर्ज है। इस वक्त अतीक के ऊपर 90 मुकदमे दर्ज है – जिसमे विधायक राजू पाल हत्याकांड और देवरिया जेल में बिल्डर मोहित जायसवाल को पीटने और उसकी कंपनी को अपने नाम कराने की जांच सीबीआई कर रही है। एक महीने पहले ही पुलिस ने अतीक के भाई पूर्व विधायक अशरफ को भी गिरफ़्तार किया है, जबकि अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद ऊमर फरार है उसके ऊपर सीबीआई ने 2 लाख का इनाम रखा है। जेल में अतीक गैंग के लोग अपना साम्राज्य फिर से न चला सके इसके लिए सरकार के आदेश के बाद अतीक को गुजरात जेल जबकि उनके भाई खालिद अज़ीम उर्फ़ अशरफ को बरेली जेल और अतीक गैंग के गुर्गो को उत्तर प्रदेश की अलग अलग जेलों ,में रखा गया है. पुलिस की कोशिश है कि इस बार अतीक के आर्थिक साम्राज्य को इस तरह नष्ट किया जाए ताकि दोबारा वो अपराध की दुनिया मे फिर से खड़ा न हो सके।